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ये शौक पड़ रहा भारी, दे रहा कैंसर, भारत में हर साल 13 लाख से ज्‍यादा मौतें

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तम्बाकू कैंसर: शौक बड़ी चीज है लेकिन यही शौक जब बीमारी बन जाए और मौत से मिलवा दे तो उसे छोड़ देना चाहिए. हालांकि भारत में लोगों को इस बात की जरा भी परवाह नहीं है, यही वजह है कि सिर्फ एक शौक के चलते देश में हर साल 13 लाख से ज्‍यादा लोग अपनी जान गंवाते हैं. यह शौक है तंबाकू (Tobacco) या तंबाकू उत्पादों का सेवन, जो भारत में ओरल कैंसर का सबसे प्रमुख कारण बन चुका है. वहीं भारत में होने वाली कैंसर की बीमारियों में सबसे ज्‍यादा मामले भी इसी ओरल कैंसर (Oral Cancer) के सामने आ रहे हैं.

हाल ही में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की ओर से जारी की गई एक रिसर्च बताती है कि भारत में रोजाना 2000 लोग तंबाकू की लत या तंबाकू उत्‍पादों के शौक के चलते होने वाली बीमारियों से जान गंवाते हैं. सालाना यह आंकड़ा 13 लाख मौतों का है. रिसर्च के आंकड़े बताते हैं कि तंबाकू या तंबाकू से बनने वाले उत्‍पादों जैसे सिगरेट, बीड़ी, खैनी, गुटखा आदि का इस्‍तेमाल किया जाता है. तंबाकू का सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल 28.6 फीसदी युवा करते हैं. इनमें पुरुषों की संख्‍या 42.4 फीसदी है, जबकि महिलाएं 14.2 फीसदी हैं. वहीं खैनी खाने वाले 11 फीसदी लोग हैं. जबकि बीड़ी पीने वालों की संख्‍या 8 फीसदी है.

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भारत में सबसे ज्‍यादा ओरल कैंसर के मामले
ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में डिपार्टमेंट ऑफ रेडियोडायग्‍नोसिस एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी में असिस्‍टेंट प्रोफेसर डॉ. अमरिंदर सिंह माल्‍ही बताते हैं कि इस स्‍टडी के अनुसार भारत में केसेज के चलते पहले नंबर पर ओरल कैंसर आता है. इसके बाद लंग कैंसर (Lung Cancer), खाने की नली का कैंसर, पेट का कैंसर, ब्‍लड कैंसर (Blood Cancer) आदि शामिल हैं. कैंसर के अलावा भी कई बीमारियां हैं जो जानलेवा हैं, इनमें दमा, सीओपीडी, अंधापन, कोरोनरी हार्ट डिजीज, गेंग्रीन जैसी बीमारियां शामिल हैं.

क्‍या कहता है फैमिली हेल्‍थ सर्वे
नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक देश के कई राज्य तम्बाकू सेवन में आगे हैं. 15 साल या उससे ऊपर की उम्र में तंबाकू खाने वालों की बात करें तो सर्वे के मुताबिक मध्‍य प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश, ओडीसा, झारखंड, बेस्‍ट बंगाल, बिहार, छत्‍तीसगढ़ और उत्‍तर-पूर्वी राज्‍यों में 40 फीसदी से ज्‍यादा जनसंख्‍या तंबाकू या तंबाकू से बने उत्‍पादों का सेवन करती है.

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