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Russia News: वैगनर की बगावत का राष्ट्रपति पुतिन की ताकत पर क्या पड़ेगा असर, क्या रूसी अब भी करेंगे वैसा ही समर्थन?

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नई दिल्‍ली. रूस में तथाकथित मिलिशिया वैगनर ग्रुप के विद्रोह के बाद राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की लोकप्रियता और बढ़ेगी और वे पहले ही अपेक्षा अधिक मजबूत होकर उभरेंगे. भारत सरकार के सूत्रों  (Indian government)  का यह मानना है कि पुतिन को रूस के नागरिकों का समर्थन प्राप्‍त है. वैगनर समूह के विद्रोह को देश की एकता के लिए खतरा माना जा रहा है; ऐसे में रूसी नागरिक पुतिन के नेतृत्‍व में एकजुट हो जाएंगे.

सूत्र आगे बताते हैं कि पश्चिम देश और मीडिया, वैगनर समूह के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन के नेतृत्व में हुए विद्रोह के इर्द-गिर्द एक कहानी बनाना चाहते हैं, लेकिन इस बावजूद पुतिन और मजबूत होकर उभर सकते हैं. वैग्नर समूह के प्रमुख को विद्रोही का टैग दिया जा सकता है और उनके कृत्य को देशद्रोह माना जा सकता है. वैगनर प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन शुरू से ही पुतिन को लेकर मुखर रहे हैं. यूक्रेन से युद्ध के बाद उनकी नाफरमानी पहले दिखावा के रूप में आंक लिया जाता था, लेकिन आज वैगनर ग्रुप पुतिन की सत्ता को चुनौती देते हुए सामने खड़ा हो गया है.

वैगनर मुद्दा सामने आने के बाद मॉस्‍को एकदम शांत
भारतीय सरकारी सूत्र ने कहा कि बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के कार्यालय के अनुसार, प्रिगोझिन, जो स्थिति को कम करने के लिए सहमत हो गए हैं. वर्तमान समस्या एक निजी सैन्य ठेकेदार और रूसी सेना के बीच है. सूत्रों ने आगे कहा कि वैगनर मुद्दा सामने आने के बाद से मॉस्को “बिल्कुल शांत” है.

‘बिना एक भी गोली चलाए’ किया कब्‍‍जा
यूक्रेन में सबसे खूनी लड़ाई लड़ने वाले प्रिगोझिन के सैनिकों ने शनिवार को रूस के दक्षिणी सैन्य जिले रोस्तोव पर ‘बिना एक भी गोली चलाए’ कब्‍‍जा कर लिया था. रोस्तोव ने 2014 से यूक्रेन में ऑपरेशन में प्राथमिक भूमिका निभाई है जब रूस ने डोनबास क्षेत्र में सीमा पर अलगाववादी युद्ध शुरू किया था. फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के बाद से सैन्य केंद्र के रूप में शहर का महत्व कई गुना बढ़ गया है.

विद्रोह कैसे प्रकट हुआ?
प्रिगोझिन ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी किया कि वह रूसी सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ अपने झगड़े को बढ़ा रहे हैं, और पहली बार यूक्रेन पर आक्रमण करने के पुतिन के औचित्य को खारिज कर देते हैं. अल जज़ीरा के अनुसार, रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) ने प्रोगोज़िन के खिलाफ एक आपराधिक मामला खोला, जिसमें घोषणा की गई कि “उन्‍होंने राज्य के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का आह्वान किया था”.

मेरे लोग रूस की सीमा में हैं; वे रूसी सेना के खिलाफ जाने को तैयार: प्रिगोझिन
प्रिगोझिन ने कहा कि उनके लोग यूक्रेन से रूस की सीमा पार कर गए हैं और रूसी सेना के खिलाफ जाने के लिए तैयार हैं. टेलीग्राम पर प्रिगोझिन द्वारा जारी ऑडियो के अनुसार, बाद में वैगनर सेनानियों ने रोस्तोव-ऑन-डॉन में प्रवेश किया. उन्होंने घोषणा की कि उनके सैनिकों ने ‘एक भी गोली चलाए बिना’ रोस्तोव में सेना मुख्यालय पर कब्जा कर लिया है.

प्रिगोझिन पर ‘देशद्रोह’ और ‘पीठ में छुरा घोंपने’ का आरोप
पुतिन ने टेलीविज़न संबोधन में प्रिगोझिन पर “देशद्रोह” और “पीठ में छुरा घोंपने” का आरोप लगाया. आरआईए समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने उन स्थानों पर मार्शल लॉ तोड़ने पर 30 दिनों की हिरासत की अनुमति देने वाले कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जहां इसे लागू किया गया है. बेलारूसी राष्ट्रपति द्वारा प्रिगोझिन के साथ समझौता करने के बाद, वैगनर सेनानियों ने रोस्तोव-ऑन-डॉन में रूस के सैन्य मुख्यालय को खाली कर दिया.

टैग: रूस, व्लादिमीर पुतिन

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