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A Day Turns Daark Review: रोमांस-ड्रामा का बेजोड़ मेल है ‘ए डे टर्न डार्क’, दमदार है कहानी

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मुंबईः बेस्ट सेलर लेखकों की किताबों और उनकी कहानियों पर हिंदी फिल्में और वेबसरीज बनाने का सिलसिला बॉलीवुड में काफी पुराना है. इसी कड़ी में शामिल हुई है हाल ही में MX PLAYER ओटीटीटी पर रिलीज हुई पूर्व वायुसैनिक सुनील सिहाग (SUNIL SIHAAG) की वेबसरीज “ए डे टर्न्स डार्क” (A Day Turns Daark). सीरीज का पहला सीजन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो चुका है, जो उनके ही बेस्ट सेलिंग नॉवेल पर आधारित है.

यह वेब सीरीज सुनील सिहाग द्वारा लिखित बेस्ट सेलिंग नोवेल “अ डे टर्न्स डार्क” का फिल्मात्मक रूपांतरण है, जिसे स्वयं सुनील सिहाग ने डायरेक्ट किया है. एमएक्स प्लेयर पर उपलब्ध यह वेब सीरीज ग्रामीण स्तर की राजनीति और ग्रामीण परिवेश में पल रहे तीन दोस्तों की बेहतरीन दोस्ती से शुरू होकर , मासूम प्रेम का एक मखमली सा एहसास स्क्रीन पर महसूस करवाती ये सीरीज आपको अपने पहले प्यार और स्कूल के दिनों की स्मृति में ले जायेगी.

पहले सीजन में 25- 25 मिनट के 6 एपिसोड में बटी यह वेब सीरीज हर एपिसोड के साथ अपनी पकड़ मजबूत बनाती है, हर एक किरदार वास्तविकता के काफी करीब मालूम पड़ता है, जिनसे दर्शकों का जुड़ाव महसूस करना स्वाभाविक हो जाता है. रिश्तों में छुपे प्रेम, मजबूरी अपराधबोध को चित्रित करती ये भावात्मक कहानी बिना किसी आर्टिफिशियल फ्लेवर के विशुद्ध जमीनी मनोरंजन जो कहीं न कहीं आपको अंदर तक छू जायेगी.

लोकेशन, निर्देशन और अभिनय सब बेहतरीन हैं खासकर रॉनी का किरदार निभा रहे थिएटर से निकले आर्यन कृष्णा और रिटायर्ड कैप्टन अमरजीत सिंह सांगवान के व्यक्तित्व और एक्टिंग ने परंपरागत नेता एमआरएफ (मनीराम फगेडिया) के किरदार को जीवंत किया है. वहीं मुख्य फीमेल लीड में हरलीन के किरदार में संभवी सिंह और फातिमा बानो ने दादी के रोल में शानदार काम किया है. एक्टर सुधांशु पांडे, विकास श्रीवास्तव के साथ-साथ प्रतीक पल्लव ने राजवीर के नेगेटिव रोल को बखूबी निभाया हैं. लीड एक्टर आशुतोष प्रांजपे (नितिन) की एक्टिंग ठीक ठाक रही हैं.

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अगर संक्षेप में कहा जाए तो सुनील सिहाग लिखित- निर्देशित वेबसरीज ए डे टर्न्स डार्क (A Day Turns Daark) तीन दोस्त नितिन, रौनी और आशीष की स्कूल कॉलेज जीवन की अटूट दोस्ती और राजवीर से इनकी दुश्मनी से शुरू होकर, नितिन और हरलीन के प्यार, परिवार और कैरियर चुनाव के धर्मसंकट की कहानी के साथ ये हुड्डा और फगेड़ियों के बीच के जातिगत द्वंद को दिखाती है और एक ट्रेजडी पर खत्म हो जाती है, जो इस कहानी को अगले भाग की पृष्ठभूमि तैयार करती है.

सभी कलाकारों ने अपने पात्र को बहुत संजीदा तरीके से निभाया है. फिल्म में कम बजट के कारण एडिटिंग से जुड़ी कुछ तकनीकी कमियां हैं, जिसे सामान्य ऑडियंस अनदेखा कर सकते हैं, पर बतौर फिल्म क्रिटिक नजरअंदाज करना संभव नहीं है. उन सुधारों के साथ इसका अगला संस्करण और बेहतर किया जा सकता है. कुल मिलाकर यह वेब सीरीज एक रोमांचक और भावनात्मक अनुभव है, जिसे पूरे परिवार के साथ देखा जा सकता है.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
स्क्रिनप्ल :
डायरेक्शन :
संगीत :

टैग: मनोरंजन

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