Home Film Review REVIEW: ‘डिटेक्टिव बुमराह’ की कहानी छोटी, लेकिन भरकर परोसा गया रहस्य

REVIEW: ‘डिटेक्टिव बुमराह’ की कहानी छोटी, लेकिन भरकर परोसा गया रहस्य

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वेब सीरीज ‘डिटेक्टिव बूमराह’ की समीक्षा: टाइम स्लिप पर हॉलीवुड में आपको कई सारी फिल्में देखने को मिल जाएंगी और बात जासूसी की करें तो बॉलीवुड में इस पर बेस्ड कई फिल्में आ चुकी हैं, जिसमें से एक थी दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी’ जिसका बॉक्स ऑफिस पर अच्छा खासा असर देखने को भी मिला था. टाइम स्लिप, जिसे हम समय यात्रा भी कह सकते हैं… इसे और जासूसी को मिलाकर फिल्म निर्देशक सुधांशु राय ने एक वेब सीरीज बनाई है, जिसका नाम है ‘डिटेक्टिव बुमराह’.

सबसे अच्छी बात तो इस वेब सीरीज की ये है.. इसे आप बिलकुल फ्री में देख सकते हैं, बिना किसी सब्सक्रिप्शन के. सुधांशु ने इस वेब सीरीज को न सिर्फ डायरेक्ट किया है, बल्कि वह इस सीरीज के कर्ता-धर्ता भी हैं, क्योंकि उन्होंने इसे प्रोड्यूस भी किया है और साथ ही सीरीज में मुख्य भूमिका भी निभाई है. इस सीरीज के लिए सुधांशु ने कितनी मेहनत की है, ये तो आपको सीरीज देखने के बाद पता चल ही जाएगा, साथ ही राघव झिंगरन (Raghav Jhingran) और शोभित सुजय की शानदार अभिनय ने इस सीरीज को काफी दमदार बना दिया है.

वेब सीरीज के लिहाज से देखा जाए तो ‘डिटेक्टिव बुमराह’ की कहानी थोड़ी छोटी है, लेकिन जिस तरह से इस सीरीज में रहस्य परोसा गया है, वह काफी रोमांच पैदा कर देता है. सिर्फ 3 एपिसोड में बनाई गई इस सीरीज में सुधांशु खुद एक जासूस की भूमिका में हैं, जिसका नाम बुमराह है. वहीं, राघव झिंगरन ने सैम का किरदार निभाया है, जो हमेशा बुमराह के साथ रहता है और जरूरत पड़ने पर उसकी मदद भी करता है. एक तरफ बुमराह जहां थोड़ा सीरियस टाइप का इंसान है, तो वहीं सैम थोड़ा मजाकिया है.

इस सीरीज को रहस्य में पिरोने का काम शोभित सुजय ने किया है. शोभित सुजय इस सीरीज में ‘अंतिम’ नामक एक शख्स के किरदार में हैं, जिसका रोल भले ही छोटा है, लेकिन काफी अहम है. शोभित वैसे तो पेशे से एक पत्रकार रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने अपना रुख अभिनय की ओर कर लिया है. इस सीरीज से पहले शोभित, सुधांशु की शॉर्ट फिल्म ‘चायपत्ति’ में नजर आए थे, जहां शोभित की शानदार अभिनय को देखते हुए सुधांशु ने उन्हें अपनी वेब सीरीज में लिया, जो बहुत हद तक सही भी रही.

सीरीज की शुरुआत में बुमराह और सैम दोनों शतरंज खेलते और चाय पीते नजर आते हैं. उसी वक्त सैम बुमराह को बताता है कि राजस्थान में एक हवेली है, जहां से एक शख्स गायब है, उसे खोजना है. लेकिन, वह शख्स हवा में गायब हुआ है. दरअसल, केस थोड़ा पेचीदा है, एक शख्स है जो हवेली की छत से कूदता तो है, लेकिन नीचे नहीं गिरता और हवा में ही गायब हो जाता है. इसी शख्स की खोज में सैम और बुमराह पहुंच जाते हैं राजस्थान में स्थित उस हवेली में और फिर शुरू होती है छानबीन.

बुमराह की इसी छानबीन के बीच होती है अंतिम की एंट्री और जहां से उनके किरदार का अंत होता है, वहीं से सीरीज में रोमांच भी पैदा होता है. बुमराह चूंकि दिमाग से काफी तेज होता है, इसलिए वह इस गुत्थी को सुलझा लेता है, लेकिन इसे सुलझाने में उसे किन-किन परिस्थितियों से गुजरा पड़ता है, ये देखना काफी रामाचक होता है. इस सीरीज की कहानी आपको चारों तरफ से बांधे रखेगी. इस सीरीज में सुधांशु राय, राघव झिंगरन, शोभित सुजय के अलावा अभिषेक सोनपलिया, प्रियंका सरकार, अहमद आजाद, मनीषा शर्मा और गरिमा राय ने भी अहम भूमिका निभाई है. कुल मिलाकर देखा जाए, तो इस सीरीज के तीनों एपिसोड को आप घर बैठे अपने परिवार के साथ इसका आनंद उठा सकते हैं.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
स्क्रिनप्ल :
डायरेक्शन :
संगीत :

टैग: छवि समीक्षा, वेब सीरीज

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